JSIRRI में आप सभी का स्वागत है

Poster august 1 A 3rd Proofहम रंगमंच की ताकत में यकीन रखते है, रंगमंच समाज को मानवीय बना सकता है। रंगमंच समाज की एक आधारभूत आवश्यकता है।

जन संस्कृति केंद्र (JS) वैश्विक स्तर पर अपने उत्पीड़ितों के रंगमंच(TO)परिवार के साथ JSIRRI के रूप में एक नई शुरुआत करने जा रहा है। JS ने अपने शुरुआती दौर में भारत के ग्रामीण खेतिहर सुमदाय के साथ काम किया। JS के इस कार्य ने उन्हें शोषण के खिलाफ एकजुट होने व संघर्ष के लिए सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस समुदाय को जाति, धर्म और एक-दूसरे को बांटने की राजनीति से उभारते हुए समुदाय के बीच आपसी मधुर संबंध स्थापित करने में मदद की। JS ने हाशिये पर रह रहे लोगों को वैचारिक रूप से मजबूत करने के महत्व को जाना।

सिर्फ रंगमंच ही एक ऐसा बौद्धिक माहौल स्थापित कर सकता है, जहाँ सभी बढें और विचारक के रूप में उभरते हुए मानव समाज निर्माण में सार्थक प्रतिभागी बन सके। JS ने अपने अनुभवों के आधार पर जाना कि हाशिये पर रह रहे ऐसे समुदाय में सामाजिक दर्शन का अथाह भंडार  छुपा हुआ है, उनमें भी जो पढ़ लिख नहीं सकते । 30 वर्षो में अर्जित अनुभव – आधारित-व्यवहारिक-समझ और मौजूदा मान्यताओं ने ही इस तरह की अनुभव आधारित सीखने-समझने की सोच को बढ़ावा दिया।
JSIRRI प्रस्ताव रखता है कि  वैश्विक स्तर पर उत्तरी और  दक्षिणी दुनिया के बीच ज्ज्संबंधज्ज् स्थापित किये जाये। ये संबंध सिर्फ आपसी मेल-जोल, एक मंच या ज्ञान का आदान प्रदान करने तक ही सीमित ना हों, जोकि अस्थाई होता है बल्कि  एक स्थाई संबंध स्थापित स्थापित किये जाएं।
JSIRRI यह भी प्रस्तावित करता है कि  समाज  में संवाद की संस्कृति को बढ़ने के लिए सभी कला विधाओं में संवाद स्थापित किये जाएं। JS विश्व के सभी कार्यकर्ताओं के बीच संबंध बनाने के केंद्र के रूप में अपने अनुभवों के आधार पर मानता  है कि JSIRRI कलाकारों और change makers के वैश्विक  संबंधों को नए स्तर तक ले जायेगा ।
कृपया और अधिक जानकारी के लिए संपर्क बनाये रखिये ।

Facebook, Twitter और www.c-linq.nl पर भी हम से जुडें।

Translated by Virender Saroha

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